DESH KI AAWAJ

मसीहा कहते थे लोग, नही रहें चौधरी हनुमान तरड़

नही रहे चौधरी हनुमान तरड़ लोगो का मसीहा बोले जाने वाले कई गांवों में शोक की लहर

दिव्यांग जगत / सेड़वा / रघुवीर पंचारिया

ईश्वर की मर्जी के आगे सब बेबस हैं। हनुमान तरड़ का जाना बड़ा दुखद
घटना है हनुमान तरड़ किसानों के संजीवनी बूटी लाने का काम करते थे और किसानों के हर किसान के दिल में बसे आज उसकी आंखें नम है भगवान की मर्जी प्रार्थना करता हूं ईश्वर से इनकी आत्मा को शांति और श्री चरणों में स्थान मिला और ईश्वर को प्रार्थना करता हूं इस संकट की घड़ी में मेरे अजीज मित्र के परिवार के साथ खड़ा रहे कितना बड़ा अन्याय करने की जरूरत थी तेरे घर में और भी कोई नही ईश्वर आपने मेरे तन में बसे और मन में बसे प्यारे भाई को हनुमान जी वचन का पक्का इरादों का सच्चा सपनों में जहान अपनों से प्यार हमेशा चमकते चेहरे की मुस्कान याद आती रहेगी बस 2 दिन की जिंदगी क्या लेकर आया बंदा क्या लेकर जाएगा कुछ ऐसा कर जा इसके हर आपके नाम को सुनकर नाम सुनकर नम जाए

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