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बहे सत्संग का दरिया , नहालो जितना चाहे -बाल किशोरी

बहे सत्संग का दरिया , नहालो जितना चाहे -बाल किशोरी

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । नसीराबाद के नजदीक देरांठू मे भाषाहरडी मातेश्वरी यज्ञ स्थल पर बुधवार दिन मे चली कथा मे बाल विधुशी भागवत भूषण रुचि मिथलेश किशोरी जी ने कथा प्रसंग मे भागवत कथा की महिमा बताते हुए कहा है कि भागवत कथा श्रवण मात्र से ज्ञान वैराग्य उत्पन्न होता है । व कई जन्मों के पापो से मुक्ति मिलती है । कथा मे बाल किशोरी जी ने भजन गाते हुए कहां कि बहे सत्संग का दरिया , नहालो जितना चाहे कथा के दौरान ग्रामीणों महिला एवं पुरुषों ने कथा प्रसंग के साथ गाऐ भजनो मे नृत्य करते हुऐ आनन्द लिया । कथा मे धूधंकारी का प्रसंग भी सुनाया ।

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