अपनी उम्र से अधिक बार रक्तदान कर युवा पीढ़ी के लिए बन गए आदर्श
अपनी उम्र से अधिक बार रक्तदान कर युवा पीढ़ी के लिए बन गए आदर्श
दिव्यांग जगत //पंडित पवन भारद्वाज
बहरोड़ में राकेस जयपाल नाम का एक ऐसा शख्स है जिसने अपनी कम उम्र में ही जीवन में 59वीं बार रक्तदान करने की मिसाल कायम की है।वर्तमान युग में काफी जागरूकता होने के बाद भी कुछ लोग रक्त देने से हिचकिचाते है।लेकिन राकेस ने अपनी 34 साल की उम्र में 59 वीं बार रक्तदान किया।और 59 वीं बार के दिए रक्तदान से एक महिला का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।रक्तवीर राकेस जयपाल ने बताया कि मेरा काम रक्तदान करना ही नहीं है,जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुचाने का लक्ष्य रहता है।अगर टीम को मजबूत बनाना है तो अपने आप को भी निरंतर समय में आगे आना होगा और युवा जोश व उम्मीद रक्तदान के प्रति जागरूक होंगे।बताया कि मेरे पास कल फोन पर कॉल आया कि मधु यादव पत्नी राजू यादव निवासी पचेरी की महिला नारनौल अस्पताल में भर्ती है,जिसकी तबीयत बहुत ज्यादा नाजुक बनी हुई है व प्लेटलेट मात्र 1500 बची हैं।और नाक कान मुंह से ब्लेडिंग हो रही है एक यूनिट प्लेटलेट्स की व्यवस्था करवाओ।मेरे टेस्ट के बाद मैं सेलेक्ट हो गया।नारनौल में प्लेटलेट्स की सुविधा नहीं होने के कारण वापिस बहरोड़ पहुचकर 3 घंटों के अंदर प्लेटलेट उपलब्ध कराई।राकेश ने आमजन को यह संदेश भी दिया है कि मानव सेवा जो व्यक्ति करेगा,वह नशा से दूर रहेगा।कभी कोई अपराध नहीं करेंगे व हमेशा अच्छे कार्य करते जाएंगे।बताया कि 100 बार रक्तदान करना मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं है।धीरे-धीरे मैं अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा हूं तथा युवा टीम मेरे साथ और मजबूती के साथ खड़ी होती जा रही है।उल्लेखनीय है कि राकेस पीछले कई वर्षों से बहरोड़ पीजी कॉलेज में प्रोफेसर है।जिनको कॉलेज मैनेजमेंट का भी नेक कार्य करने पर साथ रहता है।राकेस स्वयं तो 59 बार रक्तदान कर ही चुके है।बल्कि जरूरतमंदों की जरूरत को देखते हुए अपनी टीम के सहयोगों से सैकड़ो यूनिट रक्त दिलाकर लोगों का जीवन बचाया है।राकेस के बार-बार रक्त देने से जागरूक युवा भी आगे आने लग गए है।और राकेस की देखोदेख रक्तदान करने लगे।ताकि हमारा रक्त भी किसी का जीवन बचाने में काम आ सके।यह सन्देस जैसे जैसे लोगों के पास पहुच रहा है वैसे वैसे युवा लोग भी राकेस की टीम में जुड़ते रहे।स्थानीय व आसपास इलाकों के लोगों के मुंह से हमेशा राकेस व राकेस की टीम की प्रसंसा सुनने को मिली।


