आज भी नही मिल रहा मोबाइल नेटवर्क स्मार्टफोन बने खिलौना
आज भी नही मिल रहा मोबाइल नेटवर्क स्मार्टफोन बने खिलौना
बंद पड़े है ऑनलाइन काम कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान
दिव्यांग जगत / धनाऊ / रघुवीर पंचारिया
धनाऊ के ग्राम पंचायत पूंजासर व रबासर में
गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है परेशानी
अधिकांश अंचलों में नेट नहीं चलने से एमपी ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं
धनाऊ ब्लाक के कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान है। सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। जननी एक्सप्रेस, 108 एंबुलेंस और 100 न डायल की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। बीएसएनएल और निजी कंपनी का टावर भी आए दिन बंद होने से उपभोक्ता परेशान होते है।
पूंजासर रबासर सहित आसपास के गांवों में मोबाइल नेटवर्क चुनौती बना हुआ है। इन गांवों में रहने वाले हजारों लोग मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से परेशान है। आधुनिक इस दौर में गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के दावे यहां खोखले साबित हो रहे है। ग्राम पंचायतों में भी नेट की सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से ग्रामीण वंचित है। पूंजासर रबासर सहित अन्य गांव रेतीले टीलों से घिरा होने के कारण दूर-दूर तक मोबाइल टॉवर नहीं मिलता है। ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय अगर किसी को बहुत जरूरी बात करनी हो तो इस भयंकर गर्मी में रेतीले टीलों पर जाना पड़ता है। रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है।
सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे हालात रहे तो डिजीटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे तो बीएसएनएल, वोडा, जियो, एयरटेल के कनेक्शन मिलते हैं। लेकिन कई गांवों में इन कंपनियों के मोबाइल धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी नेटवर्क आ जाता है तो कभी बिल्कुल नेटवर्क नहीं मिलता है।
नहीं मिलता ओटीपी मैसेज, हितग्राही व ग्राहक परेशान
केंद्र और राज्य की अनेक योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी से लेकर समर्थन मूल्य पर बेची जाने वाली उपज आदि की जानकारी के लिए मोबाइल पर एसएमएस और मैसेज आते है। क्षेत्र में नेटवर्क नहीं मिलने से हितग्राहियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। एक ओर जहां सरकार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और नेटवर्क ही नहीं मिल पा रहा है।
परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरने में परेशानी
विभिन्न परीक्षाओं और योजनाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। धनाऊ सेड़वा के अधिकांश अंचलों में नेट नहीं चलने से एमपी ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बैकिंग, बिजली के बिल जमा करने सहित अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे है। साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर भी नहीं मिल पा रहे है। कई गांवों में तो मोबाइल का कवरेज मिलना बंद हो जाता है, लोगों को आपात स्थिति में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगे प्राइवेट कंपनियों के टावरों की कनेक्टिविटी नहीं होने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। और ग्राम पचायत पूंजासर में बने दो टावर पिछले कई सालो से बन्द व नकारा पड़े हे वहीं इन प्राइवेट कंपनियों के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


