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मोहता कॉलेज का प्रथम दीक्षांत समारोह धूमधाम से हुआ सम्पन्न

“मोहता कॉलेज का प्रथम दीक्षांत समारोह संपन्न”। (प्रथम संस्थागत भव्य दीक्षांत समारोह संपन्न)। सादुलपुर (चूरू) दिव्यांग संवाददाता असिस्टेंट प्रोफेसर राजपाल गोस्वामी ने बताया कि मोहता महाविद्यालय सादुलपुर चूरू के सभागार में आज प्रथम संस्थागत भव्य दीक्षांत समारोह महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह की अध्यक्षता, विशिष्ट अतिथि मोहता संस्थानों के चेयरमैन श्रीयुत श्रीवर्धन जी मोहता व परीक्षा नियंत्रक महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय श्री राजाराम चोयल वह मोहता संस्थानों के सीईओ डॉ. पी.सी. तांबी के सानिध्य में संपन्न हुआ। प्राचार्य डॉ. पीएस राठौड़ ने बताया कि दीक्षांत समारोह के पूर्व संध्या पर विश्वविद्यालय से पधारे श्री कमल कांत शर्मा ने दीक्षांत समारोह की रिहर्सल करवाया। भारत सरकार व विश्वविद्यालय की नवीन दिशा निर्देशों की अनु पालना में यह दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया इस कार्यक्रम का आरंभ सर्वप्रथम दीक्षांत शोभायात्रा जोकि मोहता आयुर्विहार से मोहता कॉलेज सभागार तक निकाली गई। शोभायात्रा में माननीय कुलपति, मोहता संस्थानों के चेयरमैन, सी.ई.ओ, प्राचार्य डॉ. पी.एस.राठौड, सचिव श्री कमल कांत शर्मा , उपप्राचार्य श्री अरविंद गौड़ व उप प्राचार्य डॉ सी.डी. चारण सहित संकाय प्रभारी शामिल रहे। सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों, संकाय सदस्यगण, गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक, मीडिया कर्मी, के सम्मान में खड़े रहे। तथा प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रगान से प्रोग्राम शुरू किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा द्वीप प्रज्वलित किया गया, छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना की गई। प्राचार्य डॉ. पी.एस. राठौड़ ने माननीय कुलपति महोदय से अनौपचारिक अनुमति लेकर स्वागत भाषण किया और बताया कि महाविद्यालय के नींव सन् 1974 में प्रसिद्ध उद्योगपति श्री सूरजमल जी मोहता उनके मामा श्री प्रसिद्ध उद्योगपति श्री घनश्याम दास जी बिड़ला के सानिध्य में रखी गई तथा उस कालखंड में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित वेतनमान के अनुरूप तथा सुसज्जित आवास की व्यवस्था कर विषय विशेषज्ञों की नियुक्तियां की गई। इसके उपरांत प्राचार्य द्वारा माननीय कुलपति महोदय से उपाधि व पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की दीक्षांत मंत्र देने की अनुकंपा की गई तत्पश्चात माननीय कुलपति महोदय द्वारा दीक्षांत मंत्र वाचन किया गया।

दीक्षांत समारोह में भूगोल, गणित, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व कंप्यूटर विज्ञान के स्नातकोत्तर तथा स्नातक स्तर के कला, वाणिज्य, विज्ञान, बीसीए संकाय के प्रथम तीन विद्यार्थियों को पदक व उपाधि माननीय कुलपति महोदय के कर कमलों द्वारा दी गई साथ ही महाविद्यालय के उदय महान खिलाड़ियों को जिन्होंने इस सत्र द्वारा 14 स्वर्ण पदक के साथ- साथ विश्वविद्यालय स्तर पर वह राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया उनको भी माननीय कुलपति महोदय द्वारा सम्मानित किया गया। महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजाराम चोयल ने विश्वविद्यालय के परीक्षा में किए गए नवा चारों की जानकारी उपस्थित विद्यार्थियों को दी। माननीय कुलपति महोदय के सचिव श्री कमल कांत शर्मा ने प्रोफेसर राजाराम चोयल के उदबोदन को आगे बढ़ाते हुए विश्वविद्यालय की विभिन्न नवीन योजनाओं के तहत विश्वविद्यालय की साइट पर माइग्रेशन, डुप्लीकेट मार्कशीट आदि घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध करवाने के बारे में अवगत करवाया। इस गरिमामय समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी भामाशाह व उद्योगपति श्री श्रीवर्धन मेहता ने अपने उदबोधन में बताया कि 30 साल पूर्व उन्होंने कॉलेज का कार्यभार संभाला तब छात्रों की संख्या शून्य थी उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने पर बहुत बल दिया, जिसके फलस्वरूप आज

महाविद्यालय में 1250 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा पदक व उपाधि प्राप्त करने वाली एक तिहाई छात्राएं हैं। इस गरिमामय आयोजन की अध्यक्षता कर रहे माननीय कुलपति महोदय ने अपने उदबोधन में दीक्षा वह दीक्षांत शब्दों का विस्तार से विवेचन करते हुए बताया कि गुरु की कृपा व शिष्य की श्रद्धा रूपी दो पवित्र धाराओं को सयम ही दीक्षा कहलाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने अर्जित ज्ञान को देश व समाज के हित में समर्पित करें। उन्होंने कहा कि कृतिशेष सूरजमल मोहता द्वारा स्थापित यह है वट वृक्ष का बीज आज वट वृक्ष के रूप में बनकर इस क्षेत्र की उन्नति में बहुत बड़ा योगदान है और नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा आने वाले समय में यह महाविद्यालय शोध का राष्ट्रीय स्तर का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी अतिथियों को महाविद्यालय द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस समारोह में श्री प्रताप जी कस्वा, डॉ. सुनील शर्मा, श्री मानसिंह राठौड़, कौशल पुनिया, श्री अशोक पूनिया, दीपचंद साहू, कमल बिंदल सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य व नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। उप प्राचार्य श्री अरविंद गौड़ द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। तत्पश्चात प्राचार्य द्वारा माननीय कुलपति महोदय से कार्यक्रम समापन की अनुमति मांगी गई तथा उनकी अनुमति मिलने पर प्राचार्य द्वारा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई और पुण्य राष्ट्रगान गाया गया तथा शोभायात्रा निकाली गई कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. राजवीर सिंह वह डॉ. संजू शर्मा ने किया।

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