DESH KI AAWAJ

इस तरह मिले दो दिव्यांग,अब हुए एक दूसरे के

दो दिव्यांग : संगीत ने नीमच के मोहन को जोधपुर की पूजा से मिलाया

उदयपुर। सुरों के साधक नीमच के नेत्रहीन युवक मोहन ने जब राजस्थान के जोधपुर में आयोजित एक नेत्रहीन लोगों की संगीत प्रतियोगिता में पूजा के सुरों को सुना तो वह उसके माधुर्य का कायल हो गया। उसने पता लगाया कि पूजा उसके हमउम्र है तो उसने उससे शादी करने का निर्णय लिया, लेकिन गरीबी दोनों परिवारों के बीच आड़े आ रही थी। इनको मिलाने का अहम भूमिका निभाई उदयपुर के नारायण सेवा संस्थान ने। उदयपुर में संस्थान की ओर से आयोजित 37वें निशुल्क दिव्यांग सामूहिक विवाह सम्मेलन में मोहन और पूजा की नहीं, बल्कि देश के चार राज्यों के 21 जोड़े एक-दूजे के हुए। इनमें नीमच का नेत्रहीन युवक मोहन भी था, जो काम करने के लिए दो वर्ष पहले जोधपुर गया था। वहां अंध विद्यालय की ओर से आयोजित नेत्रहीन लोगों की संगीत प्रतियोगिता में उसने भाग लिया। वहीं, जोधपुर की पूजा नामक युवती ने भी प्रस्तुति दी। वह पूजा के सुरों का सुनकर उसका कायल हो गया। उसने पता लगाया कि पूजा उसकी हम उम्र है तो उसने उससे शादी करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन गरीबी के चलते दोनों विवाह पर होने वाला खर्चा करने में असमर्थ थे। इस बीच, उन्हें पता चला कि उदयपुर में दिव्यांग जोड़ों का निशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित होता है। इस पर दोनों ने यहां नारायण सेवा संस्थान से संपर्क किया और उनकी मुश्किल आसान हो गई। रविवार को दोनों का अन्य 20 जोड़ों के साथ धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ।

admin
Author: admin