बानसूर में अतिक्रमण का 1100 बीघा का मामला: अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्य बहिष्कार
बानसूर में अतिक्रमण का 1100 बीघा का मामला: अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर कार्य बहिष्कार
सुखराम मीणा /दिव्यांग जगत
बानसूर- बानसूर के नागल लाखा गांव में 5 मार्च को 1100 बीघा जमीन पर अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम पर हमले के विरोध में आज पुरे अलवर जिले के पटवारी और कानूनगो कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। बता दें की अतिक्रमण हटाने गई टीम पर हुए हमले में भू माफियाओं ने पत्थरों से हमला कर दिया था। जिसमें पटवारी अतुल यादव का पैर टूट गया था। हमले के 16 दिन बाद भी पुलिस भू माफियाओं को गिरफ्तार नहीं कर सकी। जबकि बानसूर तहसीलदार जगदीश बैरवा ने 40 से 50 लोगों के खिलाफ नामदर्ज मामला दर्ज करवाया था।
राजस्व सेवा परिषद के तत्वाधान मे 21 मार्च को 16 दिन बीत जाने पर भी अपराधियों की गिरफ़्तारी नही हुई है जिस से पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर अपराधियों को गीरफ़्तार करने की मांग की गयी!
धरने में मनोज मीणा जिलाअध्यक्ष पटवार संघ,सुरेश पाल सिंह प्रदेशअध्यक्ष कानूनंगों,पुष्पेंद्र देशवाल जिलाअध्यक्ष तहसीलदार संघ,बानसूर उपशाखा अध्यक्ष शिवराज व सैकड़ो पटवार संघ के कर्मचारी मौजूद है!

यह था 1100 बीघा पर अतिक्रमण का मामला-
बानसूर उपखंड के निकटवर्ती ग्राम नांगल लाखा मे 1100 बीघा सरकारी भूमि पर पुर्व सरपंच व उनके परिवार सहित अन्य ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा था, ग्रामीणों की मांग व कोर्ट के आदेशों पर बानसूर डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा सहित पुलिस बल जाब्ते के साथ मौके पर सरकारी जमीन पर कब्जा मुक्त करवाते वक़्त बानसूर प्रशासन और ग्रामीणों की आपस में कहासुनी के बाद ग्रामीणों द्वारा पुलिस प्रशासन पर पथराव किया गया एवं पुलिस के वाहनों पर पत्थर मारकर उनके शीशे आदि तोड़ दे गए इस संबंध में पुलिस द्वारा 20 लोगों को नामजद कर उनके खिलाफ रिपोर्ट लिख कर कानूनी कार्यवाही की गयी!
गौरतलब है की नागल लाखा गांव में 1100 बीघा जमीन पर भू माफियाओं ने कब्जा कर रखा था। कोर्ट के आदेश पर बानसूर प्रशासन की टीम जिसमें तहसीलदार, पटवारी और पुलिस अतिक्रमण हटाने 5 मार्च को गई थी जिस पर भू माफियाओं ने टीम पर पत्थरो से हमला कर दिया था। वही पटवारी अतुल यादव का पैर टूट गया था। ओर तहसीलदार सहित पुलिस की चार गाड़ियों पर पथराव कर क्षतिग्रस्त कर दिया था।

