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राजस्थान में पंचायत चुनावों का ऐलान आज, निर्वाचन आयोग ने आज 3 बजे बुलाई प्रेस कांफ्रेंस, इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में लग जायेगी आदर्श आचार संहिता

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है। राज्य निर्वाचन आयोग ने आज यानी शनिवार दोपहर 3 बजे पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रेस कांफ्रेंस बुलाई है। ऐसे में माना जा रहा है कि आयोग पंचायत चुनाव के कार्यक्रम और तारीखों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकता है। तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में गांव की सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

आज दोपहर 3 बजे होगी घोषणा:

निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि प्रेसवार्ता आज दोपहर 3 बजे पंचायती राज सभागार, विकास खंड, शासन सचिवालय, जयपुर में होगी। राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के चुनाव की प्रक्रिया सितंबर में पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर ग्रामीण चुनावों पर है. निकाय चुनाव में मतदान दो चरणों में 9 और 11 सितंबर को हुआ था, इसके बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं। शहरी सरकार के चुनाव नतीजों के बाद अब प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में पंचायत चुनाव अगला बड़ा सियासी पड़ाव बन गए हैं। इन चुनावों में ग्राम पंचायतों से लेकर पंचायत समितियों और जिला परिषदों तक के चुनाव होने हैं। ऐसे में शनिवार को होने वाली आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजरें टिकी हुई हैं।

पहले से चल रही थी चुनाव कार्यक्रम की तैयारी:

राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही संकेत दे चुका है कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी कराने की तैयारी चल रही है। पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं और आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया के बाद अब चुनाव कार्यक्रम जारी होने का इंतजार है। आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि चुनाव कितने चरणों में होंगे, मतदान की तारीखें क्या रहेंगी और नामांकन से लेकर मतगणना तक की प्रक्रिया किस समय सीमा में पूरी की जाएगी। निकाय चुनाव के बाद अब भाजपा और कांग्रेस समेत सभी प्रमुख दलों का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर बढ़ने वाला है। टिकट वितरण, स्थानीय समीकरण, आरक्षण और संगठन की सक्रियता पंचायत चुनाव की रणनीति के प्रमुख हिस्से होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी। करीब दो महीने तक इसके प्रभावी रहने की संभावना है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के तबादलों समेत कई प्रशासनिक फैसलों पर भी रोक रहेगी।

1.69 लाख से ज्यादा जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे:

पंचायतीराज चुनाव में करीब 1.69 लाख जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य शामिल हैं । इनके जरिए प्रदेश में 41 जिला प्रमुख और 457 पंचायत समितियों के प्रधान चुने जाएंगे। इसके अलावा 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच, उपसरपंच और करीब 1.30 लाख वार्ड पंचों का चुनाव होगा।

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