विश्व ध्यान दिवस का कार्यक्रम जेएलएन मेडिकल कॉलेज अजमेर में हुआ आयोजित
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। विश्व ध्यान दिवस का कार्यक्रम रविवार को प्रातः स्थानीय जे.एल.एन. मेडिकल कॉलेज अजमेर के डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में हार्टफुलनेस संस्था के बैनर तले जल संसाधन मंत्री, राजस्थान सरकार सुरेश सिंह रावत के मुख्य आतिथ्य में “एक विश्व एक हृदय” आदर्श वाक्य के साथ सम्पन्न हुआ।
डॉ. अनुराधा झा, पूर्व मुख्य चिकित्सालय अधीक्षक (रेलवे) के सान्निध्य में प्राणाहुति के साथ ध्यान क्रिया कराई गई। कार्यक्रम संयोजक डॉ. विकास सक्सेना, वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, शिविर संयोजक ने बड़े ही प्रभावी ढंग से उपस्थित लोगों को ध्यान कराया।
ध्यान के उपरांत लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए—
शारीरिक शिथिलता में 90 प्रतिशत, मानसिक सकारात्मक प्रभाव में 70 प्रतिशत तथा ध्यान क्रिया में सब कुछ भूलकर मग्न हुए लोगों का प्रतिशत 40 प्रतिशत के आशाजनक परिणाम परिलक्षित हुआ। डॉ. पार्थ सिंह, आचार्य, मनोविज्ञान विभाग ने मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य में ध्यान की भूमिका पर सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ध्यान मानसिक परेशानियों में अत्यंत कारगर है। इससे भावनात्मक शांति, आत्म-जागरूकता की प्राप्ति तथा मानसिक स्पष्टता मिलती है। मस्तिष्क में एकाग्रता विकसित करने एवं भटकाव को रोकने का प्रभावी माध्यम ध्यान है। हालांकि स्थापित एंग्ज़ायटी, अवसाद, पी.टी.एस.डी., स्किज़ोफ्रेनिया एवं ओ.सी.डी. जैसी बीमारियों में हार्टफुलनेस ध्यान दवाई का एक सहारा बन सकता है इलाज नहीं । कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा सक्सेना, पूर्व विभागाध्यक्ष – हिंदी विभाग, मेयूर स्कूल, अजमेर ने किया। ब्राइटर माइंड की ट्रेनर श्रीमती नेहा कपूर ने ध्यान के प्रभावों का आश्चर्यजनक प्रदर्शन जिशान गोरा 7वर्ष व नंदनी मेघानी 12 वर्ष द्वारा करवाया। व मनीष पारीक ने समस्त मीडिया संचालन द्वारा कार्यक्रम को निखारा।
मुख्य अतिथि जल संसाधन मंत्री ने अपने आशीर्वचन में ध्यान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जागरूकता एवं प्रेरणादायक बातें कहीं। मंत्री रावत ने अपने उद्बोधन में योग एवं ध्यान को प्राचीन भारतीय विधा बताते हुए कहा कि हमारे ऋषि मुनियों ने योग साधना के माध्यम से अनेक सिद्धियां प्राप्त की थी। भारत के स्वाधीनता के बाद विशेष तौर से यशस्वी प्रधानमंत्री परम आदरणीय मोदी जी के कार्यकाल में भारत की उत्तरोत्तर प्रगति भारत की बढ़ती जीडीपी और विश्व में भारत के तीसरी शक्ति के रूप में उभरने का जिक्र करते हुए अवगत कराया कि हम भारतीयों को ध्यान और योग को जीवन में अपनाना चाहिए जिससे हम प्रगति पद पर और आगे बढ़ सकें
कार्यक्रम में अतिरिक्त प्रधानाचार्य डॉ. सुनील माथुर, डॉ. श्याम भूतड़ा, डॉ. हेमेश्वर हर्षवर्धन, चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, वरिष्ठ आचार्य डॉ. महेंद्र खन्ना, डॉ. जी.सी. मीणा, एडिशनल जज एवं सदस्य टेक्स बोर्ड श्रीमती उत्तरा माथुर, डॉ. प्रियेश माथुर सहित मेडिकल/नर्सिंग विद्यार्थी, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सृजनात्मकता पर अमित खंडेलवाल (आर्किटेक्ट) ने सत्र लिया। हार्टफुलनेस संस्था की नगर समन्वयक श्रीमती अमिंदर मॅक के साथ समस्त हार्टफुलनेस परिवार सदस्यों की कार्यक्रम को सफल बनाने में महती भूमिका रही।
शिविर में क्यूआर कोड के माध्यम से अनेक लोगों ने अपने सुझाव एवं जिज्ञासाओं को विशेषज्ञों को प्रेषित किये व कार्यक्रम हेतु अपना पंजीकरण भी कराया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन एवं अल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


