शर्मनाक:ससुर ने ही करा दी दामाद की हत्या
तालेड़ा. तालेड़ा क्षेत्र के जाखमुंड खदान के पानी में मिले शव के मामला में पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में ससुर के ही दामाद की हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस अधीक्षक शिवराज मीना ने बताया कि 22 सितंबर को तालेड़ा के जाखमुंड गांव के निकट पानी से भरी हुई खदान में आजाद उर्फ पवन (25) पुत्र रामदेव कुमावत निवासी बूंदी का शव मिला था। हत्या के मामले में दो आरोपियों अर्जुन सैनी (33) पुत्र त्रिलोक चन्द निवासी बायपास रोड बूंदी व रवि मालव (34) पुत्र धनराज मालव निवासी केशवपुरा कोटा को गिरफ्तार किया है। अर्जुन मृतक का चाचा ससुर है। मामले में आरोपी भीम सैनी व अन्य दो जने फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। प्रेम प्रसंग के चलते की हत्या पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि मृतक आजाद उर्फ पवन का बूंदी निवासी भीम सैनी की लड़की से प्रेम प्रसंग था। आजाद का मकान पहले भीम सैनी के पास में ही था। वह घर पर आता जाता रहता था। मृतक आजाद व भीम सैनी की लड़की दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन लड़की का पिता व उसका चाचा अर्जुन सैनी राजी नहीं थे। इस पर दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली तथा जयपुर हाईकोर्ट में रीट पीटिशन लगा दी। भीम व अर्जुन सैनी ने हाईकोर्ट में लड़की के आजाद के पक्ष में बयान देने की सोच आजाद को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उन्होंने आजाद को बहला-फुसलाकर कोटा बुला लिया। उसको दोनों की शादी का विश्वास दिलाया। आजाद बातों में आ गया। घटना से चार पांच दिन पूर्व इनके साथ कोटा रहने लग गया। मौका देखकर 18 सितम्बर को दोनों गिरफ्तार आरोपी व दो अन्य व्यक्तियों ने कार में आजाद को हैैंगिंग ब्रिज के पास शराब पिलाकर गाड़ी में गला दबाकर मार दिया। दो माह पहले ही कर ली थी प्लानिंग मृतक आजाद के शव को जंजीरों में जकड़कर व गले में भारी भरकम लोहा लटकाकर जाखमुंड की खदान में फेंक दिया। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने व भीम सैनी ने आजाद को मारने की प्लानिंग दो महिने पहले ही बना ली थी। इसके चलते ही उसको धोखे से कोटा बुला लिया। मृतक आजाद इनके डर से दो महिने से जोधपुर रह रहा था। भीम व अर्जुन आजाद को मारकर ऐसी जगह डालना चाहते थे कि किसी को पता नहीं लगे। पहले उन्होंने उसे भंवरकुंज में मारने की योजना बनाई थी। आरोपियों ने बताया कि मृतक आजाद के गले में भारी भरकम लोहा भी इसलिए लटकाया था ताकि शव ऊपर न सके। मृतक आजाद पर पचास हजार रुपए कर्जा भी भीम व अर्जुन ने चुकाया, जिससे आजाद को विश्वास हो जाए।

