राजस्थान महिला कल्याण मण्डल चाचियावास अजमेर द्बारा दिव्यांग बच्चों के लिए दो दिवसीय निशुल्क थेरेपी परामर्श शिविर का किया शुभारंभ
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । राजस्थान महिला कल्याण मण्डल, चाचियावास, अजमेर द्वारा आयोजित दो दिवसीय नि:शुल्क ओक्युपेशनल थेरेपी, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं साइको थेरेपी परामर्श कैंप का शुभारंभ शनिवार को अद्वैत शीघ्र हस्तक्षेपण केंद्र, पंचशील नगर, अजमेर में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रंगा, महिला मोर्चा अध्यक्ष भारतीय श्रीवास्तव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जयपुर की प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रिया भार्गव, नई दिल्ली की ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. कुमुद शर्मा, संस्था राजस्थान महिला कल्याण मण्डल की सचिव एवं मुख्य कार्यकारी क्षमा आर. कौशिक तथा निदेशक राकेश कुमार कौशिक ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. ज्योत्सना कहा कि दिव्यांग बच्चों के लिए इस प्रकार के विशेष शिविर समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों और उनके रसत्तीय अभिभावकों को विशेषज्ञों से सीधे परामर्श और उपचार की सुविधा मिलती है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जयपुर से आई प्रिया भार्गव ने कहा कि इस तरह की सुविधाएं मेट्रो शहरों में भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि संस्था जिस तरह से (बच्चों के साथ) अभिभावको को प्रशिक्षित कर रही है वो प्रंशसनीय है।
संस्था की मुख्य कार्यकारी क्षमा आर. कौशिक ने बताया कि कैंप के पहले दिन अजमेर शहर, पुष्कर शहर अजमेर ग्रामीण, श्रीनगर, तथा पीसांगन ब्लॉक के लगभग 100 गांवों से आए 250 दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों ने इस शिविर का लाभ लिया।
उन्होंने बताया कि इस विशेष कैंप में दिल्ली NCR की प्रसिद्ध ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. कुमुद शर्मा के साथ संस्था की विशेषज्ञ टीम द्वारा बच्चों को नि:शुल्क परामर्श एवं थेरेपी सेवाएं प्रदान की गईं। इसमें फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. कृष्ण कुमार बाकोलिया, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. समीक्षा राठौर, स्पीच विशेषज्ञ शानू कंवरिया तथा साइकोलॉजिस्ट राजेश्वरी शेखावत, दीपाली बरन्या और युक्ता दवे शामिल रहे।
कैंप के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन कर अभिभावकों को उचित थेरेपी, व्यायाम, दैनिक गतिविधियों में सुधार तथा बच्चों के विकासात्मक माइलस्टोन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही कई बच्चों को मौके पर ही आवश्यक थेरेपी सत्र प्रदान किए गए।


