पुष्कर के परहुता पहाडी के शिखर पर स्थित मणि वैदिक शक्ति पीठ के गर्भ गृह के दर्शन कर लोट रहे पंडित व बटुको पर मधु मक्खियों ने किया हमला, हमले में 13 पंडित हुए घायल, दो घण्टे के रेस्क्यू करके सभी घायल पंडितों को इलाज हेतु अस्पताल पहुंचाया
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। पुष्कर के एक किमी. की परहुता पहाड़ी के शिखर पर स्थित मणि वेदिक शक्तिपीठ के गर्भ गृह के दर्शन कर लौट रहे पंडित व बटुकों पर मधु मक्खियों ने हमला कर दिया। हमलें में 14 पंडित जख्मी हो गए। वहीं पंडितों में अफरा-तफरी मच गई तथा सभी जान बचाने के लिए पथरीले व दर्गम पहाड़ी मार्ग पर जान बचाने के लिए दौड़ लगाई। मधु मक्खियों के हमलें में जख्मी हुए सभी पंडितों को पहाड़ी से उतार कर 108 एंबुलेंस सहित अलग-अलग वाहनों से हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उन्हें उपचार के लिए भर्ती किया।
जानकारी के अनुसार शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के दौरान सोमवार की दोपहर करीब एक बजे गायत्री मंत्र का जाप संपन्न कर करीब 20 पंडित-बटुक समूह के रूप में पास में ही परहुता पहाड़ी के शिखर पर स्थित मणि वेदिक शक्तिपीठ के गर्भ गृह के दर्शन के लिए रवाना हुए। एक किमी. ऊंची पहाड़ी के शिखर तक पहुंचने में पंडितों को दो घंटे लगे। गर्भ गृह के दर्शन कर लौटते समय अचानक पंडितों पर मधु मुक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। जिससे पंडितों में हाहाकार मच गया और उन्होंने सभी जान बचाने के लिए पहाड़ी पर दौड़ लगाई। इस दौरान कुछ पंडितों के पैर फिसल गया। किसी के झाडिय़ों से खरोंचे भी आई। सूचना मिलते ही यज्ञ स्थल से सेवादार व 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा बारी-बारी से मधु मक्खियों के हमलें से घायल हुए पंडितों को पहाड़ी से नीचे उतार कर हॉस्पिटल पहुंचाया। कुल 13 पंडित जख्मी हुए। सभी को भर्ती कर उपचार किया गया। घायल पंडित अभिषेक पांडे ने बताया कि मंत्र जाप के बाद वे बिना भोजन प्रसादी ग्रहण किए पहाड़ी पर मंदिर के दर्शन के लिए गए थे। वापस लौटते समय मधु मक्खियों हमला किया। मक्खियां कहां से आई, पता नहीं चला।मामले की जानकारी मिलते ही उपखंड अधिकारी गुरुप्रसाद तंवर भी घायलों को कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंच गए।
दो पंडित दो घंटे बाद पहाड़ी पर अचेतावस्था में मिले
मधु मक्खियों के हमलें के दौरान दो पंडित जान बचाने के चक्कर में पहाड़ी पर रास्ता भटक गए तथा गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण बेहोश हो गए। इस पर करीब दो घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें तलाश किया तथा सुरक्षित नीचे उतार कर हॉस्पिटल पहुंचाया। बताया गया कि दोनों ही पंडित अलग-अलग जगह अचेतावस्था में मिले। रेस्क्यू टीम में सुखदेव भट्ट, मनीष कुमावत, सांवरा शर्मा अमित भट्ट, हरदेव सिंह, नर्सिंग कर्मी कपिल चौधरी, 108 एंबुलेंस के चालक दुर्गा सिंह आदि शामिल थे।वही अस्पताल में घायल पंडितों की सेवा में अरुण बाबूजी गोविंद पाराशर महेश पाराशर मुंडवा लगे रहे। चिकित्सकों ने सभी घायल पंडितों की हालत खतरे से बाहर बताई है।
हॉस्पिटल में बैड़ कम पड़े
एक साथ 13 पंडितों को उपचार के लिए भर्ती किया गया। इसके चलते हॉस्पिटल के वार्ड में बैड़ कम पड़ गए। स्थिति यह हुई कि एक पलंग पर दो-दो पंडितों का इलाज किया गया।
ये पंडित हुए जख्मी
सुभाष पुत्र रामकिशन ओझा प्रतापगढ़, बृजेश पुत्र रामचंद्र मिश्रा प्रतापगढ़, ऋषभ पुत्र दीपक मिश्रा यूपी , सुशील पुत्र कमलकांत भादरा, अभिषेक पुत्र संतोष पांडे उड़ीसा, यश पुत्र जयनारायण भादरा , अमित पुत्र लक्ष्मीकांत भादरा, प्रदीप द्विवेदी प्रतापगढ़ , अंकित पुत्र रविशंकर यूपी, अर्पित पुत्र प्रकाश तिवाड़ी वृंदावन , प्रेम पुत्र प्रदीप प्रतापगढ़,
कुलदीप पुत्र विनय प्रतापगढ़,
अभिषेक त्रिपाठी पुत्र रामकुमार यूपी है।


