वृद्ध माता-पिता को मिला न्याय, न्यायालय ने 6 हजार रुपए मासिक पोषण राशि देने के किए आदेश
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर । नसीराबाद तेली कुम्हार मोहल्ला निवासी श्याम लाल प्रजापत व उसकी पत्नी सीता देवी ने अपने अधिवक्ता हेमंत कुमार प्रजापति के जरिए नसीराबाद उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण कल्याण अधिनियम के तहत एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया था कि उनके दो पुत्र मनोज और सर्वेश प्रजापति को अपनी खून पसीने की कमाई से पढ़ा लिखा कर काबिल बनाया और दोनों की शादी भी की । शादी के बाद दोनों ही पुत्र वृद्ध माता पिता को छोड़कर बाहर कमाने चले गए और उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी नहीं निभाई । जिस पर श्यामलाल को बुढ़ापे मे पान की छोटी सी दुकान चला कर अपना व अपनी पत्नी सीता देवी का मुश्किल से भरण पोषण करना पड़ा। वही छोटे पुत्र सर्वेश ने वर्ष 2021 में
17 सौ रुपए मासिक भरण पोषण राशि माता-पिता को देने का ईकरारनामा सिटी थाना नसीराबाद में किए जाने के बावजूद भी भरण पोषण राशि नहीं दी गई , वही श्याम लाल की बेटी की शादी के समय दोनों पुत्रों ने डरा धक्का कर मकान व दुकान के कागजातो पर भी हस्ताक्षर करवा लिए और दोनों वृद्ध माता पिता को प्रताड़ित किया जा रहा। जिससे परेशान होकर पीड़ित माता पिता ने बड़े पुत्र मनोज कुमार जो कि महाराष्ट्र में एचपीसीएल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत और लाखों रुपए मासिक तनख्वाह प्राप्त कर रहा है उसे न्यायालय ने नोटिस भेज न्यायालय में तलब किया । जहां पुत्र द्वारा पीड़ित माता-पिता द्वारा लगाए गए आरोपो का खंडन किया और मामले को लंबित करने के लिये अलग अलग प्रार्थना पत्र लगा भरण पोषण राशि अदा नही करने का प्रयास करता रहा। जिस पर पीड़ित माता पिता के अधिवक्ता के द्वारा अंतरिम भरण पोषण दिए जाने का न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर न्यायालय ने 12 जून 2024 को प्रकरण लंबित रहने 5 हजार रुपये अंतरिम भरण पोषण राशि वृद्ध माता पिता को अदा करने के आदेश किये । अंतरिम भरण पोषण आदेश के खिलाफ पुत्र मनोज कुमार ने अजमेर जिला कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत की जो की। जिस पर जिला कलेक्टर द्वारा दोनों पक्षों को सुनकर अपील खारिज कर अंतरिम आदेश यथावत रखें। इसके बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनवाई का पूर्ण अवसर देते हुए दोनों पक्षों की सुनवाई कर व्रद्ध माता पिता को 6 हजार मासिक भरण पोषण राशि अदा करने के आदेश उपजिला मजिस्ट्रेट देवी लाल यादव द्वारा किए गए। जिस पर वृद्ध माता-पिता ने न्याय प्रदान करने पर न्यायालय का धन्यवाद ज्ञापित किया।


