मन्त्री भागीरथ चौधरी ने किसान के रुप में नियमानुसार ली सब्सिडी, तथ्य छुपाए नहीं, राजनीतिक द्वेष से फैलाई जा रही है भ्रामक खबर – जिला प्रवक्ता वैष्णव
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। सोशल मीडिया पर खीरे की खेती की सब्सिडी को लेकर चल रही भ्रामक पोस्ट पर अजमेर जिला शहर भाजपा प्रवक्ता श्याम सुंदर वैष्णव ने स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता को गुमराह करने हेतु राजनीतिक द्वेषता के चलते तथ्यहीन खबर वायरल की जा रही है, जो निंदनीय है।
प्रवक्ता श्याम सुंदर वैष्णव ने स्पष्ट किया कि- कृषि मंत्रालय की सब्सिडी योजना “किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी पात्र भारतीय किसानों के लिए है।” आवेदन प्रक्रिया सभी के लिए खुली है। मंत्री महोदय ने एक किसान के रूप में नियमानुसार आवेदन किया। दस्तावेज पूरे होने पर ही सब्सिडी स्वीकृत हुई है। इसमें पद का कोई दुरुपयोग नहीं है।क्ष मंत्री महोदय ने एक किसान के रूप में बैंक से लोन लेकर खेती की और उस पर नियमानुसार सब्सिडी प्राप्त की है। उन्होंने इसकी जानकारी छुपाई नहीं, बल्कि बाकायदा अपने फार्म हाउस के बाहर सब्सिडी प्राप्ति का बोर्ड भी लगाया हुआ है। व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। चौधरी ने पूर्व में भी आवेदन किया था, जो दस्तावेज पूरे न होने से निरस्त हो गया था। इस बार सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर ही स्वीकृति मिली। वैष्णव ने कहा, किसान के नाम पर बनी हर योजना का हकदार असली किसान है। यदि कोई जनप्रतिनिधि भी खेती करता है और नियमों का पालन कर लाभ लेता है, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता है। केवल राजनीतिक द्वेष के चलते आम नागरिकों को बरगलाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी किसान भाई ने आवेदन किया है और पात्र होने के बावजूद लाभ नहीं मिला है, तो तथ्यों के साथ सामने आएं। सरकार की सभी योजनाएं कृषि पोर्टल पर पारदर्शी रूप से उपलब्ध हैं।


