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सोसायटी के नाम से मंगाई गई आईडी का दुरुपयोग कर की लाखों की ठगी

दोस्त निकला गद्दार

सोसायटी के नाम से मंगाई गई आईडी का दुरुपयोग कर की लाखों की ठगी

अजमेर जिले के भिनाय कस्बे का मामला

निर्दोष लोग फंसे कानून के शिकंजे में

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

अजमेर । अजमेर जिले के भिनाय कस्बे के नारायण शर्मा के पुत्र यश शर्मा द्वारा दोस्ती में की गई ग़द्दारी के चलते कस्बे के दो नौजवान युवकों को जेल जाने की नौबत आ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बे के यश शर्मा व दीपक गुर्जर पिछले दो तीन सालों से मुंबई में रहकर अपना बिजनेस कर रहे थे जो जून 2022 में भिनाय आए तब उन्होंने अपने कुछ मित्रों को कहा कि वो मुंबई में समाजसेवा के उधेश्य से एक सोसायटी बनाना चाहता है । जिसके माध्यम से वो अपनी आय का दस बीस प्रतिशत हिस्सा गौसेवा व अन्य सेवा में लगाएगा तथा इस हेतु उन्होंने आधार व पैन कार्ड की फ़ोटो प्रति की मांग की । जिस पर कस्बे के तीन नवयुवकों जितेंद्र तेजवानी, राजकुमार सिंधी व हेमराज बैरवा ने दोस्ती के नाते यश की बात का विश्वास करते हुए उसे फोटो काँफी दे दी। उक्त घटना के करीब तीन महीने बाद राजकुमार को पता लगा कि उसका बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है और उसकी क़िस्त जमा नहीं हो रही है । इस पर उसने जितेंद्र व हेमराज को इसकी जानकारी दी तथा यश से बात की इस पर यश ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है और वो जल्दी ही भिनाय आकर मिल लेगा।काफी समय बीतने के बाद भी ना तो यश आया और ना ही उसने फोन उठाया तो इस पर दिनाँक 27 अक्टूबर को जितेंद्र द्वारा एक रिपोर्ट पुलिस थाना भिनाय को दी गई जिसमे उक्त सारी घटना का विवरण दिया गया।उक्त रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ दिनों बाद यश ने आकर तीनों से मुलाकात कर उनको आश्वासन दिया कि उनकी आईडी का दुरुपयोग नहीं किया गया है और बचपन की दोस्ती की दुहाई देते हुए विश्वास दिलाया।इसी दौरान 4 दिसम्बर को छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के तोरवा थाने की पुलिस ने तीनों नवयुवकों के घर पर दबिश दी । जिस पर उन्होंने राजकुमार व हेमराज बैरवा को गिरफ्तार कर लिया । वही जितेंद्र अहमदाबाद होने से पुलिस ने उनके घर वालों को बताया कि उक्त आईडी व बेंक अकाउंट के माध्यम से बीस लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है । इसलिए उक्त आरोपियों को भारतीय दंड सहिंता की धारा 420 में गिरफ्तार किया गया है।परिजनों ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी । लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार उक्त नोजवान दोषी थे।दोस्ती और विश्वास का आधार लेकर कानून में बचाव का कोई उपचार नहीं होने से छत्तीसगढ़ पुलिस निर्दोष लोगों को गिरफ्तार करके ले गई।बरहाल दोस्ती के नाम से धोखाधड़ी करने वाले खुलेआम बड़ी बड़ी लक्जरी गाड़ियों में घूम रहे हैं और निर्दोष नवयुवकों को जेल में जाना पड़ा।दोस्ती के नाम से दगाबाजी करने वालों को भी जेल की हवा खानी पड़ेगी।फिलहाल इस हकीकत की कहानी के माध्यम से यही कहना चाहूंगा कि आजकल दोस्ती में धोखा करने की परिपाटी चल रही है कृपया सावधान रहें।

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