जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय के चिकित्सकों ने लम्बे से सांस फूलने, हृदय की तेज धड़कन, पैरों में सूजन व बार बार खांसी से परेशान महिला का सफल आपरेशन कर दी राहत
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। पुष्कर निवासी 28 वर्षीय महिला जो कि लम्बे समय से सांस फूलना, हदय की धड़कन अनियमित हो जाना, पैरों में सुजन आना, बार-बार खांसी चलना से पीड़ित थी, महिला ने डॉ० मोनिका माहेश्वरी, हदय रोग विशेषज्ञ एवं विभागाध्यक्ष, हृदय रोग विभाग को दिखाया जिसके बाद पता चला की हदय में एक जन्मजात छेद है, जिसे कि एक्ट्रीयल सेप्टल डिफेक्ट ए०एस०डी० कहा जाता है, जिसकी वजह से मरीज के फेफडो की रक्त वाहिनियों में हदय का दबाव बढ़ गया था, समस्त जांचों के पश्चात डॉ० सुधीर श्रीवास्तव एवं कार्डियोथोरेसिक वेस्कूलर सर्जरी विभाग, जलाने चिकित्सालय, अजमेर के चिकित्सकों डॉ० अनुराग गोयल, डॉ० तेजकरण सैनी द्वारा मरीज की टोटल एण्डोस्कोपिक रोबोटिक एवं रोबोटिक असिस्टेट सर्जरी (डायरेक्ट सूचर क्लोजर ऑन पेरिफरल बायेंपास) करने का निर्णय लिया गया। नर्सिंग ऑफिसर जयंत, ललिता, रेखा, सुनिता, हनुमान, प्रताप, मीनू, नारायण, अंजीर की टीम ने ओ०टी० एवं आईसीयू की समस्त व्यवस्थाओं को सम्भाला। सर्जरी के दौरान मरीज को बॉयपास मशीन पर रखने एवं परफूजन समस्त व्यवस्था को ज०ला०ने० चिकित्सालय के परफयूजनिस्ट अभिषेक मिश्रा ने संचालित किया।
सर्जरी में एनेस्थेसिया विभाग से डॉ० पूजा माथुर एवं डॉ० रतन लाल यादव ने डबल ल्यूमन एन्ड्रोट्रेकल ट्यूब के द्वारा विशेष रूप से एनेस्थिसिया दिया एवं ईको-कार्डियोग्राफी की एवं सर्जरी के दौरान हार्ट की स्थिति को मॉनिटर किया, विशेष रूप से मरीज को रात को ही कार्डियोथोरेसिक वेस्कूलर सर्जरी विभाग की गहन चिकित्सा ईकाई में विशेष निगरानी में रखा गया एवं रात को ही वेन्टीलेटर से हटा दिया गया तथा 06 घण्टे बाद मरीज ने खाना-पीना शुरू कर दिया।
जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ० अनिल सामरिया एवं अधीक्षक डॉ० अरविन्द खरे के नेतृत्व में नित नये आयाम एवं कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।


