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सावधान – गैस किल्लत के नाम पर मंडरा रहा है साइबर ठगों का साया- राजस्थान पुलिस की बड़ी चेतावनी

मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर

जयपुर । राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग और संभावित कमी का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने आमजन की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने इस संबंध में एक विशेष एडवाइजरी जारी कर प्रदेशवासियों को सतर्क रहने की अपील की है।
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव और तकनीकी हेरफेर के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने मुख्य रूप से 5 तरीकों की पहचान की है:

फर्जी एलपीजी बुकिंग वेबसाइट : ठग विभिन्न गैस कंपनियां की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ऑनलाइन बुकिंग का झांसा देते हैं और उनकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा लेते हैं।

केवाईसी और कनेक्शन बंद होने का डर
अपराधी खुद को गैस एजेंसी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं। वे KYC अपडेट न होने पर कनेक्शन कटने या सब्सिडी रुकने का डर दिखाकर ओटीपी और यूपीआई पिन मांग लेते हैं।

फर्जी SMS और WhatsApp लिंक आपकी सब्सिडी होल्ड पर है, तुरंत अपडेट करें जैसे मैसेज भेजकर फिशिंग लिंक्स पर क्लिक करवाया जाता है, जिससे मोबाइल का डेटा हैक हो जाता है।

घातक स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स
मदद के नाम पर अपराधी AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाते हैं, जिससे आपके फोन का पूरा कंट्रोल उनके पास चला जाता है।

QR कोड का मायाजाल
पेमेंट के नाम पर QR कोड स्कैन कराया जाता है। याद रखें, पैसे प्राप्त करने के लिए कभी QR कोड या PIN की जरूरत नहीं होती।

सुरक्षा के 5 सुरक्षा चक्र
साइबर क्राइम शाखा ने ठगी से बचने के लिए आमजन को निम्नलिखित सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं-

आधिकारिक प्लेटफॉर्म ही चुनें
हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट, आधिकारिक ऐप या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से IVRS का ही उपयोग करें।

जल्दबाजी में निर्णय न लें
यदि कोई आपको तुरंत कार्रवाई के लिए डराता है, तो समझ जाएं कि वह ठग हो सकता है। अपराधी आपको सोचने का समय नहीं देना चाहते।

गोपनीयता बनाए रखें
बैंक डिटेल्स, आधार नंबर या OTP किसी को न दें। कोई भी असली गैस कंपनी फोन पर आपसे यह जानकारी नहीं मांगती।

स्क्रीन शेयरिंग से दूरी
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कंट्रोल देने वाले ऐप्स कभी इंस्टॉल न करें।

पेमेंट की पुष्टि करें
Google Pay या PhonePe जैसे ऐप्स पर भुगतान करते समय नाम और विवरण को दो बार चेक करें।
ठगी का शिकार होने पर क्या करें
यदि आप या आपके आसपास कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर हेल्पडेस्क 9256001930 / 9257510100, ऑनलाइन पोर्टल https://cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराएं.

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