जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय अजमेर के फोरेंसिक विभाग कक्ष में स्थापित,पहल: नि: शक्तजन मरीजों के लिए बनाया बोर्ड चेम्बर ,वर्ष 2019 के बाद दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वालों के दस्तावेजो की भी होगी जांच
मुकेश वैष्णव/दिव्यांग जगत/अजमेर
अजमेर। नि: शक्तजन मरीजों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं के लिए अब अस्पताल में जगह जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल प्रशासन ने पहल करते हुए निशक्तजन बोर्ड बनाकर कक्ष निर्धारित कर दिया है। एक ही कक्ष में उन्हें सुविधाएं उपलब्ध करवाई जायेगी। जवाहरलाल नेहरू अस्पताल परिसर में फोरेंसिक विभाग के पास एक कक्ष में निशक्तजन (दिव्यांग) बोर्ड की व्यवस्थाएं शुरू की गई है। अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने, अपडेट करवाने, भौतिक सत्यापन सहित अन्य सुविधाओं के लिए उन्हें अब अलग अलग चिकित्सकों के कक्षा में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
एक ही कक्ष में चिकित्सकों की व्यवस्था
अस्पताल अधीक्षक डॉ अरविंद खरे ने बताया कि फोरेंसिक विभाग के पास एक कक्ष में दिव्यांगता बोर्ड का चैम्बर बनाया गया है। इसमें सम्बन्धित विभागों के चिकित्सक एक ही जगह मौजूद मिलेंगे, ताकि प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर अन्य जांचों के लिए अलग अलग विभागों में चिकित्सकों के पास नहीं जाना पड़ेगा।
इन विभागों को यह आदेश जारी
अधीक्षक डा अरविंद खरे ने नेत्र रोग विभाग/ईएनटी/पीएमआर/ मानसिक रोग/अस्थि रोग विभाग के विभागाध्यक्ष को निर्देश जारी किए गए हैं, कि आपके विभाग के अन्तर्गत लम्बित दिव्यांगता प्रमाण पत्र के कार्य संपादन के लिए फोरेंसिक विभाग का कक्ष (पूर्व वार रुम) आवंटित किया गया। उन्होंने सेक्टर अनुसार चिकित्सक की ड्यूटी लगाने के आदेश दिए हैं।
सरकारी नौकरियों में लगे दिव्यांगो के प्रमाण पत्रों का भी होगा सत्यापन
दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर वर्ष 2019 के बाद वाले अभ्यर्थियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की जांच बोर्ड की और से करके भौतिक सत्यापन किया जा रहा है।


